Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
Home / हज्ज व उमरा

हज्ज व उमरा

कोई आदमी किसी से क़र्ज़ लेकर हज पर जाये तो ये सही है या नहीं ? जानिए

हज की रकम दूसरे मसरफ़ पर लगा देना ? सवाल : मैंने अपने वालिदैन को हज के लिए रकम दी जो उन्होंने किसी और मसरफ़ में लगा दी और वहां से यकमुश्त रकम की वापसी एक दो साल के लिए मुमकिन नहीं । मैंने जिस नीयत से उनको पैसा दिया …

Read More »

औरत का बिना वज़ू या हैज़ व निफ़ास की हालत में तवाफ़ यानि काबा के चारो तरफ घूमना सही है या नहीं ?

मकामें इब्राहीम के पीछे नमाज़ पढ़ने को ज़रूरी समझला । बाज़ हज़रात मकामें इब्राहीम के बिलकुल करीब थोड़ा पीछे बैठ कर नमाज़ पढ़ने को बिलकुल ज़रूरी समझते हैं । और बाज़ मरतबा धक्का मुक्की की नौबत तक आ जाती है . इसकी वजह से तवाफ़ करने वालों को बहुत दुश्वारी …

Read More »

हज के दौरान तवाफ़ तल्बिया पढ़ना कितना जरूरी है ! जानिए

दौरान तवाफ़ तल्बिया पढ़ना बाज़ लोग तवाफ़ के दरमियान तल्बिया पढ़ते हैं यह दुरुस्त नहीं , बल्कि उमरा के एहराम में तवाफ़ शुरू करने से पहले तल्बिया खत्म कर देना ज़रूरी है और हज के एहराम में दसवीं ज़िल्हिज को जमरा ए उक़्बा की रमी के वक्त पहले कंकरी के …

Read More »

हज करते हुए हमसे कुछ ऐसी गलतियां होती जिनका हमें एहसास तक नहीं होता : ज़रूर पढ़ें

हज व उमरा को गुनाहों से पाक ररवना चाहिए । मसअला : उमरा और मस्जिदे नबवी ( सल्लसल्लाहु अलैहि वसल्ल्म ) की हाज़िरी में भी लोग इतनी गलतियाँ करते हैं कि खुदा की पनाह, दीन के मसाइल न किसी से पूछते हैं और न उसकी ज़रूरत समझते हैं । लोग …

Read More »

हज में एहसार क्या होता है ? एहसार की चंद सूरतें ; ज़रूर जानिए

हज में एहसार क्या होता है ? एहसार की चंद सूरतें एहसार के लुग़वी मन हैं रोकना , मना करना , बाज़ रखना और इस्तिलाहे फ़िक़्ह में एहसार ये है कि कोई शख्स हज या उमरा का एहसार बांध ले और फिर वह हज या करने से रोक दिया जाए …

Read More »

हज करते वक़्त किसी इंसान की मौत हो जाये , तो क्या उसका हज हो जायेगा ? जानिए

क्या सफरे हज में मरने वाले का हज हो जाएगा ? सवाल : अगर किसी शख्स का सफरे हज में हज करने से पहले इंतिक़ाल हो जाए तो क्या उसके ज़िम्मा से फ़र्ज़ साकित हो जाएगा । जवाब : और अगर हज पहले फ़र्ज़ हो चुका था तो उसमे ये …

Read More »

क्या आप जानते है , औरतों के लिए हज में महरम की शर्त क्यों है ?

औरतों के लिए हज में महरम की शर्त क्यों है ! मसअला : मैं शरई मसअला बताता हूँ ” ल्योन ” का जवाब नहीं दिया करता । मगर आपके इत्मीनान के लिए लिखता हूँ कि बगैर महरम के औरत को तीन दिन या इससे ज़्यादा के सफर की आँहज़रत ( …

Read More »

कुर्बानी का एक जानवर बड़ा हो , दूसरी तरफ २ जानवर छोटे यानि हलके हो , तो कौनसे की कुर्बानी बेहतर है !

कुर्बानी किस कीमत की हो ? मसअला : खस्सी जानवर जब्कि गोश्त के लिहाज़ से बेहतर हो तो वह अफ़ज़ल है यानी अगर कुकरा और नादर ( ज़रूरत मंद गोश्त के ) ज़्यादा हो तो ज़्यादा गोश्त वाला जानवर अफ़ज़ल है । और अगर हाजत मंद कम हो तो फिर …

Read More »

बड़ा सवाल ; खस्सी जानवर की कुर्बानी करना सही है या नहीं ? जानिए

खस्सी बकरे, मेंढे , बैल की कुर्बानी जाइज़ है , इसमें किसी किस्म की कोई कराहत नहीं है , दोनों किस्म के ( खुसयतैन काट का या दबा कर निकाल दिए जाते है ) खस्सी की कुर्बानी जाइज़ है , उज़्व का कम हो जाना और कुचल कर बेकार कर …

Read More »

तवाफ़ में सतर का खुला रखना हज करने वालों के लिए सही है या नहीं ? जानिए

तवाफ़ में सतर का खुला रखना ? तवाफ़ के वाजिबात में सतर छुपाना भी शामिल है । आज़ा को नमाज़ में छुपाया वाजिब है उन को तवाफ़ में भी छुपाना ज़रूरी है । मर्द का सतर नाफ से ले कर घुटनों तक है और औरत का चेहरा , हथेली , …

Read More »