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ईद के दोनों महीने कम नहीं होते का क्या मतलब है ? जानिए हदीस की रौशनी में

ईद के दोनों महीने कम नहीं होते का क्या मतलब है ? जानिए हदीस की रौशनी में

हदीस :
अबू बकरा रज़ि० नबी सल्लसल्लाहु अलैहि वसल्ल्म के हवाले से बयान करते हैं कि आप सल्लसल्लाहु अलैहि वसल्ल्म ने फ़रमाया : दो महीने ऐसे हैं कि कम नहीं होते , दोनों महीने ईद के है ।

1 , रमज़ान ।
2 . जिलहिज्जा ।

( बुखारी : 1812 )

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लाभ : पूर्वजों ने इसके दो अर्थ लिए है
1 . अगर एक उनतीस का होगा तो दूसरा तीस का या दोनों तीस के होंगे , दोनों उनतीस के नहीं होंगे ।

2 . सवाब की दुप्ति से इनमे कमी नहीं होगी , संख्या की दुप्ति से कमी हो सकती है यानी उनतीस के हो सकते हैं ।

( सही बुखारी सफा 563 )

 

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